चाय पत्ती की फैक्ट्री कैसे खोले | how to start chai patti business

Start Chai patti business in hindi – चाय एक ऐसी पेय पदार्थ जिसकी तलब हर भारतीय को रहती. रिसर्च में माना माना गया है कि 90 % भारतीय दिन में कम से कम 2 बार चाय पीते हैं. कहा जाता है कि चाय पीने से लोगों थकान दूर हो सकती. इसलिए ज्यादातर व्यक्ति ऑफिस या काम से घर जाने के बाद एक कप चाय जरूर पीते हैं. जिससे उनका तनाव दूर हो जाता है.
ऐसे में अगर आप चाय पत्ती की फैक्ट्री खोलते हो तो आप बहुत अच्छा मुनाफा कमा सकते हो. यह एक ऐसा बिजनेस है जिसकी मांग कभी कम नहीं होने वाली है भारत में ऐसी बहुत सारी कंपनियां हैं जो चाय पत्ती बिजनेस को पहले से करते आ रही है और वह इस बिजनेस से बहुत अच्छा मुनाफा भी कमा रहे हैं. इसी तरह आप भी एक चाय पत्ती की फैक्ट्री लगा कर पैसे कमा सकते हैं.
यदि आप चाय पत्ती फैक्ट्री के बारे में पूरी जानकारी लेना चाहते हो तो आप हमारे साथ अंत तक बने रह सकते हैं.

chai patti business

भारत में चाय उत्पादन करने वाले राज्य ( chai utpadak rajya)

भारत में पहले चाय पत्ती की खेती असम और पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्र में की जाती थी. लेकिन धीरे-धीरे इसमें बहुत बड़ा ग्रोथ आया और आज के समय में चाय पत्ती का उत्पादन 18 राज्यों में किया जा रहा है. जिसमे कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर,नागालैंड, सिक्किम, उड़ीसा, बिहार असम, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों में इसका उत्पादन किया जाता है. लेकिन चाय पत्ती का उत्पादन सबसे ज्यादा असम और पश्चिम बंगाल में देश का 50% उत्पादन होता है. केरल,कर्नाटक में लगभग 30% इसके अलावा बाकी बचे राज्यों में 20 % उत्पादन होता है.

चाय पत्ती की फैक्ट्री कैसे लगाए ( How to setup a chai patti factory)

यदि पर चाय की फैक्ट्री लगा कर बिजनेस शुरू करना चाहते हो तो आपको तो इसके लिए प्लानिंग करनी होगी.
जिसमें आप निम्न बिंदुओं को दर्शा सकते हो

  • सबसे पहले यह पता करना होगा कि चाय पत्ती की फैक्ट्री लगाने में आपको कितने पैसे की आवश्यकता होगी.
  • उसके बाद आपको फैक्ट्री लगाने के लिए जगह की आवश्यकता होगी.
  • इसके अलावा इस बिजनेस में लगने वाले कच्चे माल की जानकारी आपको होना चाहिए.
  • और चाय की पत्ती की पैकेजिंग किस तरह करनी होगी.
  • अब आपको यह पता करना होगा कि चाय पत्ती बिजनेस में कौन-कौन सी मशीनों की आवश्यकता होगी और मशीनों की कीमत क्या रहेगी.
  • चाय पत्ती बिजनेस को शुरू करने के लिए हमें कितने कर्मचारियों की आवश्यकता होगी.
  • इस बिजनेस को शुरू करने के लिए हमें किन कौन सा लाइसेंस की आवश्यकता होगी.
  • चाय पत्ती मैन्युफैक्चरिंग लगाकर कितना पैसा कमाया जा सकता है.
  • हमें चाय पत्ती बिजनेस की मार्केटिंग किस तरह करनी होगी.

इन सभी बिंदुओं को अपने प्रोजेक्ट रिपोर्ट में दर्शना होगा. जिससे आपको चाय पत्ती मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस के बारे में पूरी मिल सके.

यह भी पढ़े कॉफी शॉप का बिजनेस केसे शुरू करे

चाय पत्ती फैक्ट्री के लिए जगह ( place)

सबसे पहले आप को इस बिजनेस को शुरू करने के लिए जगह की आवश्यकता होगी. जहां पर आप अपने मशीनों को लगाकर आसानी से चाय पत्ती बिजनेस शुरू कर सकें .फैक्ट्री लगाने के लिए आपको जगह मार्केट या गांव से बाहर लेनी होगी. जहां पर बड़े-बड़े वहान आसानी से आ जा सके इसके अलावा आपको इस बात का ध्यान रखना है कि जिस जगह का चयन आप इस बिजनेस को शुरू करने के लिए कर रहे हैं वहां पर बिजली और पानी की व्यवस्था भर पूर हो. क्योंकि एक फैक्ट्री लगाने के लिए सबसे ज्यादा आपको पानी और बिजली की होती है. इसलिए आपको पानी और बिजली की व्यवस्था सबसे पहले कर लेनी है. हम आपको बता दें कि चाय पत्ती फैक्ट्री को शुरू करने के लिए आपको कम से कम 4000 वर्ग फुट जगह की आवश्यकता होगी.

चाय पत्ती मैन्युफैक्चरिंग के लिए मशीन (Machine for chai patti Manufacturing)

चाय पत्ती की फैक्ट्री लगाने के लिए आपको काई प्रकार के मशीनों की आवश्यकता होगी जो कि इस प्रकार है

  • आठ इंच रोलर वाली सीटीसी मशीन
  • आठ इंच वाली एसएस रोटोरवेन मशीन
  • ड्रायर पत्ती को सुखाने के लिए मशीन
  • फाइबर एक्स ट्रैक्टर मशीन
  • मेडिल्टन सार्टन वाली मशीन
  • वाइब्रो सार्टन मशीन

आदि मशीनों के सहायता से आप एक चाय पत्ती मैन्युफैक्चर प्लांट आसानी से शुरू कर सकते हो.

यह भी पढ़ेजूस का बिजनेस केसे शुरु करे

चाय पत्ती बनाने की प्रोसेस (chai patti making process)

चाय पत्ती बनाने की प्रोसेस बहुत लंबी चौड़ी है. लोगों को लगता होगा कि चाय पत्ती खेतों में से बनी बनाई निकलती है. लेकिन ऐसा नहीं है हम आपको बता देते की बागानों से तोड़ी जाने वाली चाय पत्ती छह तारीख की प्रोसेसिंग करने के बाद वह मार्केट बेचने के लिए तैयार होती है. चाय पत्ती बनाने का काम इतना आसान नहीं होता है. इसे बनाने में आपका बहुत समय लगता है तब जाकर एक चाय पत्ती बनती है.
चलिए हम आपको बताते हैं कि चाय पत्ती किस तरह बनाई जाती है. इसे बनाने के लिए निम्न प्रॉसेस से गुजरना होगा.

  • सबसे पहले चाय पत्ती की नमी को दूर करने का काम किया जाता है. जिसे वेदरिंग प्रोसेस कहा जाता है. यह प्रक्रिया दो तरह से की जाती है. पहली प्रक्रिया में पत्तियों को खुली हवा में सुखाया जाता है. और दूसरी प्रक्रिया में केमिकल के द्वारा पत्तियों की नमी को दूर किया जाता है. पहली प्रोसेस मे लगभग 4 घंटे का समय लगता है. और दूसरी प्रक्रिया में लगभग 15 से 16 घंटे का समय लगता है. इन दोनों प्रक्रिया को पूरा करने में लगभग 20 घंटे का समय लग सकता है.
  • दूसरी प्रक्रिया रोलिंग की होती है जिसके अंदर एक गुमावदार टेबल होती है और उसमे एक बिना पेंदी का बाक्स लगा होता है जिसमें पत्तियों को डालकर रोल किया जाता है यानी उसे गोल गोल घुमाया जाता है.
  • तीसरी प्रक्रिया में सिटिसी मशीन और कर्लिंग मशीन में चाय की पत्ती को डाला जाता है. जिससे पत्ती की कटाई होती है और उसे अलग अलग तरह का आकर दिया जता है.
  • चोथी प्रक्रिया में पत्ती की बैक्टीरिया की सफाई करने के लिए उसका वाष्पीकरण किया जाता है. जिसको एक कमरे में एलियुमिनयम की ट्रे में बिछा कर रखा जाता है और जरूरत के हिसाब से तापमान सेट किया जाता है. उसके बाद पत्ती का रंग ताबे के कलर के समान लाला हो जाय तब इस प्रक्रिया को पूर्ण माना जाता है.
  • पांचवी प्रक्रिया में पत्ती को 90 डिग्री तापमान देखकर सुखाया जाता है जिसके बाद चाय पत्ती तैयार हो जाती है.
  • छटी प्रक्रिया में बनी हुई पत्ती की छटाई की जाती जिसमे धूल मिट्टी कंकड़ लकड़ी बालू आदि को अलग किया जाता है. अब यह पत्ति बाजार में बेचने के लिए तैयार हो जाती

इस तरह आप इन छह स्टेप को फॉलो करके चाय की पत्ती को बना सकते हैं.

चाय पत्ती के बिजनेस के लिए कर्मचारी (employees for chai patti business)

चाय पत्ती की फैक्ट्री को चलाने के लिए आपको कर्मचारियों की आवश्यकता होगी. क्योंकि एक अकेला व्यक्ति एक बड़ी सी फैक्ट्री नहीं चला सकता है. इसलिए आपको अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग कर्मचारियों की आवश्यकता होगी. क्योंकि फैक्ट्री में हर एक मशीनों को ऑपरेट करने के लिए एक या दो व्यक्ति की आवश्यकता होती है. जिससे वह आसानी से अपने काम को निपटा सके. इसीलिए आप को पहले यह डिसाइड कर लेना है कि आप कितनी बड़ी फैक्ट्री खोलना चाहते हैं. उस फैक्ट्री में आपको कितने कर्मचारियों की आवश्यकता होगी उसके हिसाब से आप कर्मचारियों का सिलेक्शन कर सकते हैं.

चाय पत्ती की पैकेजिंग (chai patti packaging)

चाय पत्ती बन के तैयार होने के बाद अगला कदम हमारा उसको पैकेजिंग करने का रहता है.
चाय पत्ती पैकेजिंग करने के लिए आपको निम्न बातों को ध्यान रखना होगा.

  • सबसे पहले आपको अपनी फैक्ट्री का ब्रांड नेम चुनना होगा.
  • उसके बाद आपको मार्केट से अलग-अलग तरह के पाउच लाने होंगे. अब उन पाउच पर अपनी कंपनी का ब्रांड नेम छुपाना होगा.
  • अब आपको अलग-अलग तरह की पैकेजिंग करनी होगी. जैसे 100 ग्राम के पाउच 200 ग्राम के 500 ग्राम के 1 किलो के 2 किलो के व 5 किलो के पाउच मैं पैकेजिंग करनी होगी.
  • पैकेजिंग करने के बाद आपकी पूरी तरह से चाय पत्ती मार्केट में बेचने के तैयार हो जाएगी.

चाय पत्ती बिजनेस में जरूरी लाइसेंस( Required license )

  • चाय पत्ती मैन्युफैक्चर बिजनेस शुरू करने के लिए सबसे पहले आपको भारतीय चाय बोर्ड से परमिशन लेनी होगी. इसके बिना आप चाय पत्ती मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस शुरू नहीं कर सकते. हालांकि बोर्ड ने अब छोटी बड़ी फैक्ट्री लगाने की अनुमति देने लग गए हैं. छोटी फैक्ट्री में आपको रोजाना 225 किलो चाय पत्ती रोजाना तैयार करने की अनुमति दी है. बड़ी फैक्ट्री मैं आपको 450 से लेकर 500 किलोग्राम चाय पत्ती तैयार करने के लिए परमिशन मिलती है. इस तरह की फैक्ट्री लगाने के लिए टीएमसीओ के तहत रजिस्टर छूट मिलती है. साथ ही लघु उत्पादन के तहत सब्सिडी भी मिलती है.
  • फूड सेफ्टी एण्ड स्टैण्डर्ड अथॉरिटी आफ इंडिया से भी लाइसेंस लाना होता है.
  • फैक्ट्री लगाने के लिए फैक्ट्री लाइसेंस लेना होता है, जिस राज्य में फैक्ट्री लगायें वहां के उद्योग विभाग के तहत कारखानाा विभाग की आवश्यक शर्तें व नियम का पालन करना होता है. फैक्ट्री चलाने के लिये लाइसेंस लाना होता है.
  • कंपनी का नाम रखना होता है, जिसको कंपनी रजिस्ट्रार के यहां शॉपिंग एक्ट के तहत रजिस्टर्ड कराना होता है.
  • कंपनी का आकार कैसा बनाना है, वन पर्सन कंपनी, पार्टनरशिप, एलएलपी, प्राइवेट कंपनी बनाना है उसकी तैयारी करनी होती है.
  • जीएसटी के लिए जीएसटी नंबर लाना होता है.
  • यदि विदेशों को निर्यात करना हो तो उसके लिए आईईसी कोड हासिल करना होता है.
  • कंपनी या बिजनेस मैन के नाम एक पैन कार्ड जरूरी होता है.
  • कंपनी के बिजनेस में लेन-देन के लिए एक करंट एकाउंट किसी बैंक में खोलना जरूरी होता है.
  • इसके अलावा केन्द्र, राज्य सरकारों और स्थानी प्रशासन जैसे ग्राम पंचायत,नगर पालिका, टाउन एरिया आदि के अधिकारियों की भी परमीशन लेनी होती है.
  • अपने ब्रांड नेम की सुरक्षा के लिए आपको ट्रेड मार्क लाईसेन्स लेना होता है.

चाय पत्ती की फैक्ट्री लगाने में लागत ( investment)

इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आप को बहुत अधिक पूंजी की आवश्यकता होगी. यदि आपके पास इतनी पूंजी है तो आप इसे शुरू कर सकता हो लेकिन यदि आपके पास इतनी पूंजी नहीं है, तो आप बैंक से लोन लेकर अपने बिजनेस को शुरू कर सकते हो.
यदि आप फैक्ट्री लगाने का खर्च जाना चाहते हो तो हम निम्न बिंदुओं में स्टेप बाय स्टेप इसका खर्च बताने की कोशिश कर रहे हैं.

  • सबसे पहले आपको मशीनें लगानी होगी जिसका खर्च 40 लाख रुपए तक सकता है.
  • इसके अलावा आपको तीन से चार लाख रुपए का रॉ मटेरियल खरीदना होगा.
  • चाय पत्ती को तैयार करने के लिए केमिकल इत्यादि का खर्च 60 से70 हजार होगा.
  • इसके अलावा 30 से ₹40000 हर महीने कर्मचारियों को वेतन देना होगा.
  • यदि आपके पास आपकी खुद की जगह हो तो उसका खर्चा आपको नहीं करना होगा. लेकिन अगर आपके पास इस बिजनेस को शुरू करने के लिए जगह नहीं है. तो आप को 4000 वर्ग फुट जगह लेनी होगी.
  • इसके अलावा आपको बिजली बिल हर महीने चुकाना होगा.
  • यदि हम सभी खर्च को मिलाकर एक आकलन लगाएं तो आपको कम से कम 70 से 80 लाख रुपए की आवश्यकता होगी. तब जाकर आप एक चाय पत्ती की फैक्ट्री खोल सकते हो.

चाय पत्ती बिजनेस में लाभ( profit)

यदि आप चाय पत्ती का बड़ा बिजनेस शुरू करते हो तो आप को इस मे लागत भी अधिक आयगी. लागत अधिक होने से प्रॉफिट भी अधिक होगा. आपको यह पता करना होगा कि चायपत्ती बिजनेस 375 दिन नहीं चलता यह बिजनेस साल में 200 दिन चलता है. इस हिसाब से आप साल का एक लाख किलो चाय पत्ती का उत्पादन कर सकते हो और इस चाय पट्टी को बेच कर आप जो मुनाफा मकाते हो उस मे से 30% मुनाफा आपका शुद्ध मुनाफा होगा.

यह भी पढ़े

पानीपुरी का बिजनेस केसे शुरू करे

गराडू चाट का बिजनेस केसे शुरू करे

फ्रूट शॉप कैसे खोले

Leave a Comment